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Kamakshi Stotram

।। कामाक्षी स्तोत्रम् ।।  Kamakshi Stotram – By Adi Sankara Bhagavatpada कल्पानोकह-पुष्प-जाल-विलसन्नीलालकां मातृकां कान्तां कञ्ज-दलेक्षणां कलि-मल-प्रध्वंसिनीं कालिकाम् । काञ्ची-नूपुर-हार-दाम-सुभगां काञ्ची-पुरी-नायिकां कामाक्षीं करि-कुम्भ-सन्निभ-कुचां वन्दे महेश-प्रियाम् ॥१॥   काशाभांशुक-भासुरां प्रविलसत्-कोशातकी-सन्निभां चन्द्रार्कानल-लोचनां सुरुचिरालङ्कार-भूषोज्ज्वलाम् । ब्रह्म-श्रीपति-वासवादि-मुनिभिः संसेविताङ्घ्रि-द्वयां कामाक्षीं गज-राज-मन्द-गमनां वन्दे महेश-प्रियाम् ॥२॥   ऐं क्लीं सौरिति यां वदन्ति मुनयस्तत्त्वार्थ-रूपां परां वाचाम् आदिम-कारणं हृदि सदा Read more…

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Goddesses of Navaratri

During Navaratri, we pray to Durga Parameswari,  Maha Lakshmi and Saraswathi Devi. Whether we consider them as three Goddesses or 33 Crore Devatas, all that is One only, the One Parasakthi. Lalitha Sahasranamam makes this succinctly clear. It says:- ” She is the Creator. ‘Srushti Karthri – Brhmarupa.’ She is Read more…