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Kamalamba Samrakshatu (Avarana 1 of Navavarna Krithis)
कमलाम्बा संरक्षतु माम् – रागं आनन्द भैरवि – ताळं तिश्र त्रिपुट(प्रथमावरण कीर्तनम्)पल्लविकमलाम्बा संरक्षतु मां हृत्कमला नगर निवासिनी अम्बअनुपल्लविसुमनसाराधिताब्ज मुखी सुन्दर मनःप्रियकर सखीकमलजानन्द बोध सुखीकान्ता तार पञ्जर शुकीचरणम्त्रिपुरादि चक्रेश्वरी अणिमादि सिद्धीश्वरी नित्य कामेश्वरी क्षिति पुर त्रै-लोक्य मोहन चक्रवर्तिनीप्रकट योगिनी सुर रिपु महिषासुरादि मर्दिनीनिगम पुराणादि संवेदिनी(मध्यम काल साहित्यम्)त्रिपुरेशी गुरु गुह जननी त्रिपुर भञ्जन रञ्जनीमधु रिपु सहोदरी तलोदरी त्रिपुर सुन्दरी Read more…